माशूक न सही, चमकता चाँद ही सही
हमसफ़र न सही बस, दीदार ही सही।
आया है, फलक में अंधियारा मिटाने
माशूक भी आएगी थोड़ा इंतज़ार ही सही।
हमसफ़र न सही बस, दीदार ही सही।
आया है, फलक में अंधियारा मिटाने
माशूक भी आएगी थोड़ा इंतज़ार ही सही।
कौन किस को यहाँ भला समझा हम ने क्या समझा, तुम ने क्या समझा बेवफा हम ने तुम को समझा सनम तुम ने हम को ही बेवफा समझा झूठे इल्जाम, मेरी जान, लगाया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो मेरी आँखो में जो अच्छे नहीं लगते आँसू तो जलाया ना करो, मुझ को सताया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो तुम किसी और की किस्मत में हो, तुम मेरे नहीं ये अगर सच भी हैं, तो मुझ को बताया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो या तो तावीर बताओ मेरे सब ख्वाबों की या कोई ख्वाब इन आँखों को दिखाया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो अभी आये हो, अभी बैठे, अभी जाते हो सिर्फ एक रस्म निभाने को तो आया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो
qadam rakhaa ke manzil raastaa thii
(shauq : desire; intehaa : apex; qadam : step; manzil : destination; raastaa : way)
bichaR ke Daar se ban-ban phiraa vo
hiran ko apnii kastuurii sazaa thii
(Daar : abode; ban : forest; hiran : deer; kastuurii : musk-deer)
kabhii jo Khvaab thaa vo paa liyaa hai
magar jo kho gayii vo chiiz kyaa thii
maiN bachpan meN khilaune toRtaa thaa
mere anjaam kii vo ibtidaa thii
(anjaam : end; ibtidaa : beginning)
muhabbat mar gayii mujhko bhii Gham hai
mere acche dinoN kii aashnaa thii
(aashnaa : friend)
jise maiN chhuu luuN vo ho jaaye sonaa
tujhe dekhaa to jaanaa bad-du’aa thii
mariiz-e-Khvaab ko to ab shafaa hai
magar duniyaa baRii kaRvii davaa thii