Friday, January 14, 2011

कौन किस को यहाँ भला समझा हम ने क्या समझा, तुम ने क्या समझा बेवफा हम ने तुम को समझा सनम तुम ने हम को ही बेवफा समझा  झूठे इल्जाम, मेरी जान, लगाया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो  मेरी आँखो में जो अच्छे नहीं लगते आँसू तो जलाया ना करो, मुझ को सताया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो  तुम किसी और की किस्मत में हो, तुम मेरे नहीं ये अगर सच भी हैं, तो मुझ को बताया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो  या तो तावीर बताओ मेरे सब ख्वाबों की या कोई ख्वाब इन आँखों को दिखाया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो  अभी आये हो, अभी बैठे, अभी जाते हो सिर्फ एक रस्म निभाने को तो आया ना करो दिल हैं नाजूक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो

1 comment:

  1. guys its not blanked just select it u will get an awesome song written javed sahab...

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